मैं

बात का भरोसेमंद साथी
RDMK
प्रकार चुनें (मापा नहीं गया)
दूसरा व्यक्ति

भरपूर ख़याल, चुप सुकून
CGQH
प्रकार चुनें (मापा नहीं गया)
अभी दोनों की केमिस्ट्री
66अंक
अलग-अलग मिज़ाज
अंदाज़ अलग हों, फिर भी कुछ पल एक-दूसरे से जुड़ते हैं।
यह अभी दोनों के हिसाब से है — प्यार हालात और लोगों के साथ बदलता है।
इस लिंक में दोनों के नतीजे साथ हैं। एक बार साझा हो जाने के बाद लिंक वापस नहीं लाया या मिटाया नहीं जा सकता।
यह माप का नतीजा नहीं, चुने गए प्रकार से निकली गणना है।
दिन भर संपर्क में रहने के मामले में दोनों के अंदाज़ सबसे करीब हैं
हर दिन उस पक्ष की चाह सामने आती है जो काम से लौटते समय फ़ोन का इंतज़ार करता है और उस पक्ष की भी जो शाम चुपचाप बिताना चाहता है। बहुत से जोड़े हालचाल की एक पंक्ति और एक कॉल के दिन पहले से तय कर लेते हैं।
छह पल, दो लोग
रोज़मर्रा की साझेदारी68
भावनाएँ जताना66
अगला क़दम66
टकराव के समय65
भविष्य की बातें66
साथ रहने की लय67
रोज़मर्रा की साझेदारी68
इस पहलू में पास होने की चाह का समय अलग है, इसलिए दिन भर जुड़ाव बनाए रखने में काफ़ी मेहनत लगती है
पास रहने और थोड़ी दूरी रखने का मिला-जुला अंदाज़ है से इस मामले का रंग-ढंग उतना ही बदल जाता है।
भावनाएँ जताना66
इस पहलू में दिल की बात अलग-अलग भाषा में आती-जाती है, इसलिए उसका मतलब एक-दूसरे तक पहुँचाने में काफ़ी मेहनत लगती है
एक पक्ष मन की बात शब्दों में सुनना चाहता है और दूसरा चुपचाप खयाल रखकर जताना चाहता है, इसलिए दोनों अलग-अलग भाषाओं में संकेत देते हैं। जिस पल कोई संकेत समझ में आए, «अच्छा, यही मन की बात थी» कहकर उसे पहचान लें तो अगला संकेत पढ़ना कुछ आसान हो जाता है।
कहकर और खयाल रखकर मन की बात जताने का मिला-जुला अंदाज़ है से इस मामले का रंग-ढंग बदल जाता है, और पास रहने और थोड़ी दूरी रखने का मिला-जुला अंदाज़ है में थोड़ा ज़्यादा समय और ध्यान लगता है।
अगला क़दम66
इस पहलू में एक ओर बड़ा कदम और दूसरी ओर थोड़ा और समय देखने की चाह है, इसलिए साथ-साथ आगे बढ़ने में काफ़ी मेहनत लगती है
एक घड़ी मन साफ़ होते ही चल पड़ती है और दूसरी उतना ही आगे बढ़ती है जितना बात पक्की हो। एक ही फैसले पर «अभी चलें» और «थोड़ा और देखते हैं» एक ही शाम में साथ सुनाई देते हैं।
झट से बढ़ने और जाँचते हुए बढ़ने की मिली-जुली रफ़्तार है से इस मामले का रंग-ढंग उतना ही बदल जाता है।
टकराव के समय65
इस पहलू में अभी बात सुलझाने या पहले मन ठंडा करने की चाह अलग है, इसलिए फिर से सहज होकर मिलने में काफ़ी मेहनत लगती है
एक ही रात «अभी बात करते हैं» और «सोकर उठने के बाद बात करते हैं» दोनों सुनाई देते हैं। बहुत से जोड़े लौटकर बात करने का दिन पहले बता देते हैं और वह रात अपनी-अपनी तरह बिताते हैं।
तुरंत सुलझाने और थोड़ा ठहरकर सुलझाने का मिला-जुला ढंग है से इस मामले का रंग-ढंग उतना ही बदल जाता है।
भविष्य की बातें66
इस पहलू में आने वाले कल को देखने की दूरी अलग है, इसलिए साझा तस्वीर बनाने में काफ़ी मेहनत लगती है
आगे बढ़ने की रफ़्तार और अपनी-अपनी ज़िंदगी के लिए रखी जगह अलग-अलग दिखाई देती है। दोनों अपनी-अपनी योजना लिखकर पहले उन हिस्सों को मिला लें जो एक-दूसरे पर चढ़ते हैं, तो तस्वीर कुछ आसानी से एक बन जाती है।
साथ रहने की लय67
इस पहलू में साथ समय बिताने का अंदाज़ अलग है, इसलिए लय मिलाने में काफ़ी मेहनत लगती है
साथ रहने की चाह वाली शाम और अकेले रहने की चाह वाली शाम, अभी बात सुलझाने वाली रात और ठहरकर लौटने वाली रात—सब एक ही घर में साथ मौजूद हैं। एक ही बैठक में अलग-अलग रफ़्तार वाली शामें साथ-साथ गुज़रती हैं।
वही दो लोग हों, फिर भी हर पल का अंदाज़ अलग होता है। नीचे का स्तर मेल न होने का मतलब नहीं, बस कम सहज पल थोड़े ज़्यादा बार आते हैं।
यह आप दोनों की अभी की स्थिति पर आधारित, सिर्फ़ मनोरंजन के लिए है।
चार अलग रंगों वाली शाम, दो लोगों की अलग लय

जब भरोसेमंद साथी उस दिन की कोई बात चुनकर सामने रखता है, तो चुप सुकून बिना कुछ कहे सुनते हुए ख़याल रखता है। बोलने और सुनने की जगह उस शाम अपने-आप बँट जाती है, इसलिए वह दोनों के लिए सबसे सहज होती है।
जब तालमेल बैठता है
साथ रहने के अंदाज़ में एक पक्ष की बातें शाम भर देती हैं और दूसरे की ख़ाली जगह सुबह को संभालती है, इसलिए दिन में चहल-पहल और शांति दोनों रहती हैं।
दिल की बात कहते समय ‘दिल से परवाह’ की ‘धन्यवाद’ कहने वाली आवाज़ और उसी ‘दिल से परवाह’ की खरीदी हुई सर्दी की दवा दो अलग रास्तों से पहुँचती हैं, इसलिए किसी भी तरफ़ का मन देर तक खाली नहीं रहता।
जब थोड़ा कम सहज लगता है
जिस पक्ष को ख़ाली जगह कम पसंद है, उसे उसी समय आमने-सामने बैठने की इच्छा होती है, जबकि पास रहकर ख़याल रखने वाले चुप सुकून के लिए एक रात रुककर लौटना ज़रूरी लगता है; टकराव वाली रात दोनों की घड़ियाँ अलग चलती हैं। बहुत से जोड़े लौटने की सुबह का समय पहले बता देते हैं।
जब दोनों खुद करके देखें चुने हुए प्रकार से नहीं, असली अंदाज़ से केमिस्ट्री निकलती है।
केमिस्ट्री स्कोर मनोरंजन के लिए है। यह निदान या फैसला नहीं है।