मैं

भरपूर ख़याल, चुप सुकून
CGQH
प्रकार चुनें (मापा नहीं गया)
दूसरा व्यक्ति

बरसाती फुहार
CDQK
प्रकार चुनें (मापा नहीं गया)
अभी दोनों की केमिस्ट्री
82अंक
काफ़ी मिलता-जुलता मिज़ाज
अंदाज़ अलग हों, फिर भी कुछ पल एक-दूसरे से जुड़ते हैं।
यह अभी दोनों के हिसाब से है — प्यार हालात और लोगों के साथ बदलता है।
इस लिंक में दोनों के नतीजे साथ हैं। एक बार साझा हो जाने के बाद लिंक वापस नहीं लाया या मिटाया नहीं जा सकता।
यह माप का नतीजा नहीं, चुने गए प्रकार से निकली गणना है।
आने वाले कल की तस्वीर बनाने की रफ़्तार दोनों के बीच सबसे अच्छी तरह मिलती है
आगे की तस्वीर बनाने की लय आम तौर पर मिलती है, इसलिए योजनाओं की तारीखें एक ही दिशा में भरती जाती हैं। तारीख थोड़ी अलग हो भी जाए तो एक बार और बात करने पर सब फिर अपनी जगह आ जाता है।
छह पल, दो लोग
रोज़मर्रा की साझेदारी86
भावनाएँ जताना80
अगला क़दम87
टकराव के समय74
भविष्य की बातें88
साथ रहने की लय84
रोज़मर्रा की साझेदारी86
शाम को हालचाल लेने की लय काफ़ी हद तक मिलती है, इसलिए दिन भर का जुड़ाव सहज बना रहता है
संपर्क की रफ़्तार लगभग एक जैसी रहती है, इसलिए «जवाब क्यों नहीं आया?» वाली रातें कम होती हैं। कभी तालमेल बिगड़ भी जाए तो अगले दिन सब फिर अपनी लय में आ जाता है।
दोनों के बीच अक्सर पास रहने की पसंद है आपस में अच्छी तरह बैठता है। बस तुरंत सुलझाने और थोड़ा ठहरकर सुलझाने का मिला-जुला ढंग है में थोड़ा ज़्यादा समय और ध्यान लगता है।
भावनाएँ जताना80
दिल की बात समझने के तरीके में एकाध फ़र्क़ हो, तब भी उसका मतलब समझना मुश्किल नहीं होता
कभी किसी हफ़्ते मन का एक इशारा किसी अलग रूप में पहुँचता है। कुछ बार बात आने-जाने के बाद हर इशारा मन की बात समझ में आने लगता है।
कहकर और खयाल रखकर मन की बात जताने का मिला-जुला अंदाज़ है में थोड़ा समय और ध्यान लगता है, फिर भी इस मामले में दोनों के बीच तालमेल रहता है।
अगला क़दम87
कदमों की चाल काफ़ी हद तक मिलती है, इसलिए रिश्ता सहजता से अगले पड़ाव तक पहुँचता है
अगले चरण पर जाने की लय आम तौर पर मिलती रहती है, इसलिए जल्दी कराने की नौबत कम आती है। एक-दो बार तालमेल बिगड़ भी जाए तो एक बातचीत में फिर कदम मिल जाते हैं।
दोनों में अगला कदम तेज़ी से बढ़ाने की रफ़्तार है आपस में अच्छी तरह बैठता है।
टकराव के समय74
एक ओर बात सुलझाने और दूसरी ओर पहले मन ठंडा करने की चाह है, इसलिए गाँठ खोलने में थोड़ी मेहनत लगती है
कभी एक तरफ़ दरवाज़े पर इंतज़ार रहता है और दूसरी तरफ़ दरवाज़े के भीतर बात सँवारने का समय। फिर मिलने का समय एक पंक्ति में तय कर दें तो बीच की शाम कुछ आसान लगती है।
भविष्य की बातें88
आने वाले कल पर बात करने का अंदाज़ काफ़ी हद तक मिलता है, इसलिए योजनाओं की तस्वीर आसानी से बनती है
साथ रहने की लय84
रोज़मर्रा के अंदाज़ में थोड़ा फ़र्क़ हो, तब भी एक-दूसरे की लय से जल्द ही पहचान हो जाती है
दूरी रखने के ढंग या बात सुलझाने के समय में से कोई एक थोड़ा अलग हो, फिर भी दोनों जल्दी एक-दूसरे की लय सीख लेते हैं। कुछ महीने साथ बिताने पर हफ़्ते के दिनों के हिसाब से अपनी चाल बन जाती है।
वही दो लोग हों, फिर भी हर पल का अंदाज़ अलग होता है। नीचे का स्तर मेल न होने का मतलब नहीं, बस कम सहज पल थोड़े ज़्यादा बार आते हैं।
यह आप दोनों की अभी की स्थिति पर आधारित, सिर्फ़ मनोरंजन के लिए है।
आगे की चाल तेज़, गाँठ अपनी-अपनी रफ़्तार से

फुहार और चुप सुकून के बीच आगे की बातें करना सबसे रोमांचक रहता है। भरोसा बनते ही दोनों तेज़ी से बढ़ते हैं, इसलिए साथ रहने वाले घर की बात मज़ाक से योजना तक जल्दी पहुँच जाती है।
जब तालमेल बैठता है
दोनों के लिए साथ मिलने वाला समय क़ीमती रहता है, इसलिए कामकाजी शामें और सप्ताहांत भी अक्सर अपने आप साथ बीतते हैं।
अगले कदम के सामने दोनों झिझकते नहीं, इसलिए किसी परिचित से मिलवाना हो या यात्रा की बात, जिस हफ़्ते बात उठती है उसी हफ़्ते तारीख़ तय हो जाती है।
जब थोड़ा कम सहज लगता है
किसी रात कोई बात खटकने पर एक ओर तुरंत शब्दों में सुलझाने की कोशिश होती है, दूसरी ओर ठंडा होने के बाद लौटने की; इनके बीच की ख़ामोशी लंबी लग सकती है। वापस बात करने का समय एक वाक्य में बता देने की मिसालें दोनों में काफ़ी मिलती हैं।
एक जैसे अंदाज़ की छाया
एक-दूसरे के दिन आपस में मिल जाने से सहारा मिलता है, पर अपनी-अपनी शाम को समेटने का समय कम होता जाता है।
जब दोनों खुद करके देखें चुने हुए प्रकार से नहीं, असली अंदाज़ से केमिस्ट्री निकलती है।
केमिस्ट्री स्कोर मनोरंजन के लिए है। यह निदान या फैसला नहीं है।